अंतरिक्ष मौसम भी हुआ नासाज, आ रहा है एक और सौर तूफान धरती की ओर
पृथ्वी पर जलवायु की मार कहर ढाने में तुली है तो अंतरिक्ष मौसम भी नासाज बना हुआ है। अब एक और सौर तूफान धरती की ओर बढ़ रहा है। 18 जनवरी 2026) के शक्तिशाली
पृथ्वी पर जलवायु की मार कहर ढाने में तुली है तो अंतरिक्ष मौसम भी नासाज बना हुआ है। अब एक और सौर तूफान धरती की ओर बढ़ रहा है। 18 जनवरी 2026) के शक्तिशाली X-क्लास की solar flare हुई थी, जो बहुत तेज सौर प्रोटॉन तूफान साथ ला रहा है। इस तूफान के कारण आर्कटिक सर्कल (उत्तर ध्रुव क्षेत्र) के अंदर शॉर्टवेव रेडियो (HF रेडियो) ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। यह तूफान सनस्पॉट 4341 ने 18 जनवरी को शाम 6:09 बजे UTC पर X1.9-क्लास का लंबे समय तक चलने वाली सौर ज्वाला है। सौर वैज्ञानिकों ने इसकी शक्ति X1.9 रेटिंग से भी ज्यादा आंकी है।NASA के Solar Dynamics Observatory ने इसका वीडियो बनाया है। पृथ्वी के वायुमंडल को आयनित (चार्ज्ड) किया , जो दक्षिण अमेरिका के ऊपर अधिक असरकारक बताया गया है। पूर्वानुमान:NASA के मॉडल के अनुसार, यह CME 20 जनवरी 2026 की सुबह के शुरुआती घंटों में पृथ्वी पर पहुँचेगा।प्रभाव से मजबूत G3-क्लास जियोमैग्नेटिक तूफान (geomagnetic storm) हो सकता है।इससे मध्य अक्षांशों (mid-latitudes) पर ऑरोरा (उत्तरी/दक्षिणी लाइट्स) दिखाई दे सकती हैं – जैसे उत्तरी अमेरिका, यूरोप, कनाडा आदि में (मौसम साफ होने पर)।SpaceWeather.com ने इस सौर तूफान को अपडेटेड किया है।
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