नटराज नृत्य कला केंद्र में बसंत पंचमी धूमधाम से मनाई गई
हल्द्वानी: नटराज नृत्य कला केंद्र में आज बसंत पंचमी का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। ज्ञान, कला और संगीत की देवी सरस्वती को
हल्द्वानी: नटराज नृत्य कला केंद्र में आज बसंत पंचमी का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। ज्ञान, कला और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित इस आयोजन में विद्यार्थियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे केंद्र परिसर बसंती उल्लास से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम की अगुवाई केंद्र की निदेशिका वंदना शर्मा एवं सुहानी शर्मा ने की। शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से विद्या और विवेक के प्रतीक स्वरूप देवी का आवाहन किया। इसके बाद लोकनृत्य, समूह नृत्य और कविता-पाठ की मनमोहक प्रस्तुतियाँ हुईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कनिष्का पंत, मीनाक्षी, वेदान्शी, सृष्टि कार्की, सृष्टि, आरात्रिका, सीरत, पीहू, इशिता, शिवांशी, साक्षी, अविका पांडे, अविका तिवारी, यशिका, खुशी, मन्नत, मानसी, ईशिता सहित अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में पारंपरिक लोकगीतों की मिठास, ताल-लय की सटीकता और भाव-भंगिमाओं की परिपक्वता स्पष्ट दिखाई दी। खास तौर पर समूह नृत्य में समन्वय और मंच अनुशासन दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहा।
निदेशिकाओं ने अपने संबोधन में बसंत पंचमी के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अनुशासन और सीखने की ललक को बढ़ावा देता है। उन्होंने बच्चों की मेहनत की सराहना की और अभिभावकों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिली। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास के लिए उपयोगी बताया।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया और भविष्य में और भी सशक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। कुल मिलाकर, नटराज नृत्य कला केंद्र का यह बसंत पंचमी समारोह कला, परंपरा और अनुशासन का सुंदर संगम बनकर यादगार
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